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"अनजानी राहों का साथ"/ Companion of Unknown Paths

1. पहली मुलाकात (वसंत की एक सुबह) नदी किनारे खड़ी नैना की चूड़ियों की खनक हवा में गूँज रही थी। उसने हाथ से साड़ी का पल्लू सँभाला और पानी में तैरते गुलाबी कमल को देखकर मुस्कुरा दी। तभी एक आवाज़ ने उसका ध्यान खींचा—"ये कमल तुम्हारी मुस्कान जैसा लग रहा है।" नैना ने घूमकर देखा। एक लम्बा युवक, सफेद कुर्ते में, हाथ में कैमरा लिए मुस्कुरा रहा था। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे कोई कवि प्रकृति के रंगों को शब्द दे रहा हो। "मैं आर्यन हूँ," उसने कहा, "नई दिल्ली से यहाँ लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए आया हूँ।" नैना ने शर्माते हुए कहा, "मैं... इसी गाँव की हूँ। ये नदी और कमल... मेरे दोस्त हैं।" आर्यन ने कैमरा उठाया और बिना पूछे नैना की एक तस्वीर खींच ली। "माफ करना, पर तुम्हारी आँखों में इस नदी का सारा सुकून कैद हो गया है।" 2. दिल की धड़कनें (चाँदनी रात का संगीत) गाँव की होली की रात थी। आर्यन ने नैना को बगीचे में बुलाया था। "तुम्हारे बिना ये रंग फीके हैं," उसने कहा, नैना के हाथ पर गुलाल लगाते हुए। "तुम शहर लौट जाओगे, और ये सब यादे...